रायगढ़ जिले का बहुत चर्चित लोकप्रिय सर्वाधिक पढ़े जाने वाला नंबर वन की तरफ तेजी से बढ़ रहा *टूटी कलम समाचार* पत्रकारिता करना हमारा शौक है, जुनून है, आदत है, दिनचर्या है, कमजोरी है,लगन है,धुन है, पागलपन है ,पत्रकारिता करना हमारे पेट भरने का साधन नहीं है, और ना ही ब्लैकमेलिंग, धमकी,चमकी,देकर, विज्ञापन के नाम पर उगाही,वसूली करने का लाइसेंस मिला हुआ है, संपादक टिल्लू शर्मा लेखक, विश्लेषक, कवि,व्यंगकार,स्तंभकार, विचारक, माता सरस्वती का उपासक,परशुराम का वंशज,रावण भक्त,कबीर से प्रभावित,कलम का मास्टरमाइंड, सही और कड़वी सच्चाई लिखने में माहिर, जहां से लोगों की सोचना बंद कर देते है हम वहां से सोचना शुरू करते है, टिल्लू शर्मा के ✍️समाचार ज्यों नाविक के तीर,🏹 देखन म छोटे लागे, घाव करे गंभीर, संघर्ष और विरोध जितना ज्यादा होगा सफलता उतनी मीठी होगी, टिल्लू शर्मा नाम ही काफी है तुम अपनी जलन बरकरार रखो हमारा जलवा बरकरार रहेगा, इलाका किसी का भी हो धमाका हमारा ही होगा, हम तक पहुंचाने के लिए अपनी लाइन बड़ी करनी पड़ेगी, शेर के पांव में कांटा चुभ जाने पर कुत्ते जंगल पर राज नहीं करते हैं. बुराई का विरोध खुलकर कीजिए राजनीति हो या समाज इतिहास टकराने वालों का लिखा जाता है तलवे चाटने वालों का नहीं, तरक्की की फसल हम भी काट लेते, यदि थोड़े तलवे हम भी चाट लेते हैं, बस मेरे लहजे में जी हजूर नहीं था, इसके अलावे मेरा कोई कसूर न था, यदि मैं भी तुम्हारी तरह बे जमीर हो जाता, यकीन मानो मैं भी कब का अमीर हो जाता.✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌍… रायगढ़ जिले के विकासखण्ड घरघोड़ा अंतर्गत ग्राम कया अंतर्गत जंगल क्षेत्र में एक हाथी के बच्चे (सावक) की मृत्यु का मामला सामने आया है। 27 जनवरी की सायंकाल स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि वन क्षेत्र में एक हाथी का बच्चा मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके के लिए रवाना हुआ, किंतु रात्रि का समय, दुर्गम स्थल तथा मृत हाथी के दल के अन्य हाथियों की आसपास मौजूदगी के कारण उसी समय घटना स्थल तक पहुँचना संभव नहीं हो सका।
डीएफओ रायगढ़ ने जानकारी देेते हुए बताया 28 जनवरी को प्रातःकाल वन अमला आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1310 स्थित घटना स्थल पर पहुँचा और मौके का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मृत हाथी सावक नर है, जिसकी आयु एक वर्ष से कम प्रतीत होती है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि अत्यधिक ढलान वाले क्षेत्र में गिरने के दौरान वह दो बड़ी चट्टानों के बीच की दरार में फंस गया, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें एवं आंतरिक रक्तस्राव हुआ और संभवतः इसी कारण उसकी मृत्यु हुई।
वन विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में घटना स्थल के आसपास अभी भी हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिस कारण क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। मृत हाथी सावक का विधिवत पोस्टमार्टम (पीएम) कराए जाने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन अमले को दें।


