पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराधों की रोकथाम के लिए सभी थानाध्यक्षों को बेसिक पुलिसिंग पर कार्य करने निर्देशित करते हैं । जिसके तहत क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके लोगों के नाम गुंडा रजिस्टर में लाकर उनकी गतिविधियों पर निगाह रखी जाये और तदानुसारसमय-समय पर उन पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही/बाउंड ओव्हर कराई जावे । विदित हो कि खरसिया थाना क्षेत्र निवासी *भूपेंद्र किशोर वैष्णव* लगातार अपराधिक मामलों में संलग्न रहा है । समय-समय पर खरसिया पुलिस इसके विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है परन्तु इसकी अपराधिक गतिविधियों में कमी नहीं आयी । इसके तथाकथित पत्रकार होने की जांच की गई इसके पास इलेक्ट्रानिक मीडिया के फर्जी आई.कार्ड भी मिले थे । पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा इसकी अपराधिक गतिविधियों को देखते हुए भूपेंद्र वैष्णव पर जिला बदर की कार्यवाही के लिये थाना प्रभारी खरसिया से इसके पूरे अपराधिक रिकार्ड का ब्यौरा लिये जिसे अपने प्रतिवेदन के साथ जिला दंडाधिकारी रायगढ़ के न्यायालय में प्रेषित किया गया । पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर जिला दंडाधिकारी द्वारा *भूपेंद्र किशोर वैष्णव पिता डी.डी वैष्णव निवासी काली मंदिर के पास खरसिया* के अपराधिक इतिहास की गहन समीक्षा की गई । तदउपरांत दिनांक 07.12.2020 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (ख) के तहत आदेश पारित कर आदेश दिनांक से जिला रायगढ़ तथा सीमावर्ती जिले बलौदाबाजार, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर से 1 साल तक की अवधि के लिए निष्कासित किया गया है । इस दौरान भूपेंद्र किशोर वैष्णव बगैर जिला दंडाधिकारी की अनुमति से जिले में प्रवेश नहीं कर सकता है । जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में अन्य थानों से भी प्रेषित अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की जिला बदर की कार्यवाही विचाराधीन है ।




