घरघोडा——गत विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने रायगढ़ जिले में भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया था, निश्चित रूप से यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एकजुटता का प्रतिफल था। लेकिन 15 सालों बाद प्रदेश की सत्ता में वापसी के साथ मंत्रिमंडल में रायगढ़ जिले के प्रतिनिधित्व के बाद कई मौकों पर पार्टी के भीतर का असंतोष गाहे-बगाहे बाहर आता दिखाई पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही वाकया कल देखने को मिला जब घरघोड़ा नगर पंचायत के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष घरघोड़ा सुरेन्द्र चौधरी ने जय स्तम्भ चौक पर( गद्दार ) काला दिवस मनाया गया,जिसमें काफी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे,सुरेन्द्र चौधरी ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ विधायक लालजीत सिंह राठिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ साथ मोहन मरकाम एवं नगर की जनता के साथ विश्वासघात किया है ऐसे चंद रुपयों के लिए विश्वासघात करने वाले को जनता कभी माफ नहीं करेगी चौधरी ने आगे कहा कि घरघोड़ा नगर में मां की कसम खाकर शपथ लेकर जो व्यक्ति गद्दारी कर सकता है तो उसके सामने आप मनुष्य का तो कोई मोल ही नहीं है। तथा अपने संबोधन में विमला जोल्हे ने भी कहा कि नगर की जनता गद्दार को कभी माफ नहीं करेगी।
विदित हो कि विगत नगर पंचायत चुनाव में घरघोड़ा नगर पंचायत में कांग्रेस का स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद भी पार्टी प्रत्याशी की अप्रत्याशित हार के कारण विधायक लालजीत सिंह राठिया की खासी किरकिरी हुई थी। उस वक्त कांग्रेस के चुनाव प्रभारी, पार्टी पर्यवेक्षक व कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने इस हार के लिए उस्मान बेग को ही जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रस्तावित किया था। लेकिन मगर उस्मान बेग के ऊपर जिले के एक बड़े नेता का हाथ माना जाता है। जिस कारण उन पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।सोचने वाली बात यह है कि ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष,क्षेत्र के सभी कार्यकर्ताओं एवं स्वयं क्षेत्र के विधायक लालजीत सिंह राठिया के लगातार विरोध करने के बाद भी अपनी ही पार्टी को हार का स्वाद चखवाने वाले उस्मान बेग के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नही हो पाई है,क्षेत्र के विधायक लालजीत सिंह राठिया और पार्टी के आला नेताओं में भी इस बात का काफी रोष है। उस्मान बेग पर किसी किस्म की कार्रवाई न होने पर उसका खामियाजा आने वाले समय मे कांग्रेस को निश्चित रूप से भुगतना पड़ेगा।





