🔴किसके रसूख के सहारे पर आ रही है ओड़िसा से अंग्रेजी शराब,रायगढ़ आसपास के सितारा होटलों, ढाबों में बिक रही है अन्य प्रदेशों की मदिरा🔴खरसिया विधानसभा क्षेत्र में हो रहे तमाम तरह के अवैध कार्य आखिर किसकी शह पर फलफूल रहे है🔴विपक्ष भाजपा का मौनव्रत आखिरकार कब टूटेगा🔴
“टूटी कलम” ने आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने के बाद आबकारी विभाग की कुम्भकर्णी नींद खुलने पर अबकारी विभाग ने मुखबिर से सूचना मिलने पर खरसिया- रायगढ नेशनल हाइवे 49 पर चारभाटा चौक पर संचालित “नीरज धीरज ढाबा” में टीम ने छापेमारी कर दी। जहाँ अवैध तरीके से संग्रहित ओड़िसा की शराब और बियर बरामद की गई। जिस पर आबकारी अमले ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर रिमांड में जेल भेज दिया गया । कलेक्टर भीम सिंह ने जिले में दूसरे राज्य की अवैध शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने आबकारी को निर्देश बारम्बार दिए जाते रहने के बावजूद अन्य प्रांतों से आने वाली अंग्रेजी शराबों की तस्करी बदस्तूर जारी है। जिसे रोकने में आबकारी अमला किस वजह से असफल है। इसका बहुत छोटा एवं सामान्य सा उत्तर है। “सेटिंग”
आबकारी विभाग यदाकदा, अवैध शराब पर कार्यवाही करती है। मुखबिर से सुचना मिलने पर अबकारी विभाग की टीम ने ग्राम चार भाटा के भूपदेवपुर थाना स्थित नीरज धीरज ढाबा में ओड़िसा की शराब बेचते हुए ढाबे के संचालक को धर दबोचा और हिरास्त में ले लिया। वहां जांच के दौरान ढाबा के किचन में बेचने के लिए छिपाकर शराब और बियर की बोतलें बरामद की गई। आबकारी टीम ने चार भाटा निवासी गोपाल पटेल पिता श्याम लाल पटेल 32 वर्ष के ढाबे से बियर बोतल 16 नग, मैकडॉवेल विस्की पव्वा 50 नग, रॉयल स्टेज 3 नग, गोवा पव्वा 31नग कुल 25.52 बल्क लीटर विदेशी मदिरा जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क, 34(2) , 59 (क) का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। जब्त शराब की कीमत करीब 20 हजार बताई जा रही है.
पूर्व में अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ाने के बावजूद आरोपी पकड़ से बाहर रहा और अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ाने पर पुलिस महानिदेशक के कोप का भाजन पुलिस के निचले दर्जे के अधिकारी बने एवं 2 अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।इसके विपरीत आबकारी विभाग के अधिकारियों,कर्मचारियों को क्लीन चिट देकर बचा लिया गया था। अब दीगर प्रांतो की शराब के प्रकरण सामने आने पर आबकारी विभाग के अधिकारियों,कर्मचारियों पर भी होनी चाहिए। शहर की गली गली में बिक रही अवैध शराब का कारण आबकारी विभाग के कर्मचारी ही माने जा सकते है। बगैर शह मिले कोई भी अवैध कार्य करना संभव नही हो सकता। जिस दिन से समस्त विभाग अपनी अपनी जिम्मेदारी से फर्ज निभाने लग जायेंगे तो उसी दिन से रामराज्य लौटने की संभावना बलवती होने लगेगी। करोड़ो की शराब बेचने वाले आरोपी चैन से घूमफिर रहे है और छोटे छोटे कोचिये,व्यवसायी जेल की हवा खा रहे है। जिसे ईमानदारी,न्याय,कानून नही माना जा सकता।






