🔴आपदा में अवसर तलाश लिया दवा दुकानदारो ने🔴अति आवश्यक सेवा के नाम पर लूट खसोट मची🔴बगैर खरीदी के बिल पर बेचे जा रहे अति आवश्यक आक्सीमीटर,सेनेटाइजर,थरमामीटर, मास्क,हेंडग्लोब आदि🔴केवल अस्पतालो के भीतर संचालित दवा दुकानों को ही दुकाने खोलने की अनुमति🔴होलसेलर छापेमारी से पूर्व ही दुकान बंद कर भाग खड़ा हुआ🔴
रायगढ़ जिलें में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे में ऑक्सिमीटर की खरीदी बिक्री भी बड़े पैमाने पर की जा रही है शहर की कई मेडिकल दुकानों में ऑक्सिमीटर के अलग-अलग रेट है। जिसकी शिकायते जिला प्रशासन को लगातार मिल रही थी।लगातार मिल रही शिकायत पर जिला कलेक्टर ने वर्चुअल मीटिंग में राजस्व विभाग को मेडिकल स्टोर में मिलने वाले ऑक्सिमीटर के रेट की जांच के आदेश दिए थे।जिला कलेक्टर के आदेश के बाद तहसीलदार सीमा पात्रे,नायब तहसीलदार श्रुति शर्मा,डीएसपी अंजू कुमारी ड्रग इंस्पेक्टर और राजस्व अमले व पुलिसकर्मियों के साथ शहर के मेडिकल दुकानों में पहुंचे जहां पटवारियों को अलग अलग मेडिकल दुकानों में ऑक्सिमीटर खरीदने भेजा गया। शहर के रामनिवास टाकीज के पास जिला अस्पताल के सामने स्थित दीपक मेडिकल स्टोर में 1800/- रु में ऑक्सिमीटर पटवारी को बेचा गया। जिसका बिल भी दुकानदार द्वारा दिया गया।यह रेट अन्य दुकान की अपेक्षा ज्यादा था। जिसके बाद तहसीलदार ने दीपक मेडिकल पर मात्र 5000/- रु का फाइन कर कार्रवाई करने की औपचारिकता पूरी की गई। मेडिकल स्टोर में मिलने वाले ऑक्सिमीटर का खरीदी बिल भी दीपक मेडिकल स्टोर में नही था ।जिससे यह भी पता नही लग सका कि होलसेलर ने ऑक्सिमीटर को किस रेट में मेडिकल स्टोर को दिया है। बतलाया जा रहा है कि होलसेलर ने 850/-₹ में दीपक मेडिकल को बेचा था जिसे दीपक मेडिकल ने 1800/-₹ में पटवारी को बेचा गया।बहरहाल जिला प्रशासन हर हाल में आम जनता को किसी तरह की कोई दिक्क्क्त नहीं होने देना चाहता है इस वजह से ही ऑक्सिमीटर के मूल्य पर नियंत्रण रखना जरूरी भी है। दीपक मेडिकल में प्रशासनिक अमले की कार्यवाही की खबर पाते ही मेडिकल शॉप एसोशिएशन के अध्यक्ष अजय अग्रवाल भी पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार को जानकारी देते हुए बताया कि ऑक्सिमीटर के होलसेल दामों में लगातार इजाफा हो रहा है ऐसे में दुकानदारों को जिस रेट में ऑक्सिमीटर उपलब्ध हो रहा है।वह उसी हिसाब से जरूरतमंद लोगों को बिक्री कर रहे है।वजह चाहे जो भी हो यही एक ही कम्पनी का ऑक्सिमीटर अलग अलग मेडिकल स्टोर में अलग अलग दामों पर बेचा जाएगा तो कार्यवाही तो होनी ही चाहिये।ऐसे समय मे जब हर तरफ कोविड रिलेटेड दवाइया या संसाधनों की मांग है ऐसे में रेट में अंतर होना इस बात की ओर इशारा करता है कि आपदा में अवसर खोजने में मेडिकल स्टोर भी पीछे नहीं है। बतलाया जा रहा है कि उक्त मेडिकल स्टोर संचालक जिला ओषधि विक्रेता संघ का पदाधिकारी भी है। देश के संकटकाल में औषधि विक्रेता संघ की तरफ से कोई मदद नही की जा रही तो प्रशासन इनको छूट देकर मदद क्यों करे।







