पुलिस के कांधे पर बंदूक रखकर सत्ता पक्ष एवं विधायक पर निशाना—- इस एपिसोड के सांथ भाजपा सत्ता पक्ष एवं विधायक के प्रति आक्रमकता अपनाकर राजनीतिक मकसद पूरा करना चाह रही है। रिपोर्टकर्ता जिस अभिषेक सोनी को विधायक का करीबी बतलाया जा रहा है। उसको विधायक जानते-पहचानते तक नही है। टूटी कलम समाचार
टूटी कलम रायगढ़—-पिछले दिनों कार्मेल स्कूल के पास हुए एक्सीडेंट में जिला भाजपा अध्यक्ष के बेटे का नाम आने से अपनी बिगड़ी छवि को सुधारने का अवसर तब मिल गया जब, रक्षा बंधन की रात को रामपुर-चांदमारी मार्ग पर हुए मारपीट,लूटपाट, छिनतई के एक मामले में दो भाजयुमो नेताओ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट होने पर अपराधों के प्रति संवेदनशील रहने वाले कोतवाल मनीष नागर ने दोनों भाजयुमो नेताओ पर विधि सम्मत मामला दर्ज कर लिया। जिससे बौखलाई भाजपा ने एक तीर से दो शिकार करने की रणनीति बनाई। जिससे भाजपा अध्यक्ष के बेटे पर महिला के साथ किये गए अपमानजनक व्यवहार पर हुई शिकायत पर पर्दा डाल कर लूटपाट में शामिल युवकों की पैरवी की जा सके। बतलाया जा रहा है कि थानेदार मनीष नागर ने पूर्व में अवैध शराब के विक्रेताओं,जुआरियों,हुक्काबार,अवैध कबाड़ पर ताबड़तोड़ कार्यवाही की है। जिसमे भाजपा,भाजयुमो कार्यकर्ताओ,पदाधिकारियों की संलिप्तता प्रत्यक्ष रूप से रही है। इन सब से विचलित होकर भाजपा एवँ भाजयुमो ने नया तरीका अपनाया है। कोतवाल का विरोध कर पुतला फूंकने का,जो कि एक गलत परिपाटी की शुरुआत है। कोई भी अपराधी अपराध कर दे तो पार्टी से जुड़े लोग अपराधियो का समर्थन कर आरोपी को बचाने के लिए गलत तरीका अपनाना स्वच्छ मानसिकता का परिचायक नही है। यदि नामजद रिपोर्ट दर्ज न हो तो विरोध प्रकट करना इंसान का मौलिक अधिकार है। टूटी कलम समाचार
जिला भाजपा अध्यक्ष के पुत्र पर लगाये गए आरोपो को निराधार बतलाने के लिए इतना बड़ा खेल खेला गया। जिससे आमजन भी वाकिफ है। कार्मेल स्कूल के पास शिक्षिका के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले के सीसीटीवी फुटेज शायद पुलिस के पास है। जिस वजह से भाजपा खेमे मे बैचैनी होना भी लाजिमी है परन्तु विरोध प्रकट करने का तरीका गलत है। उक्त मामले मे थानेदार ने अपने उच्चाधिकारियों के बगैर संज्ञान के रिपोर्ट दर्ज करना अपचनीय है। अगर विरोध ही करना था तो पूरे पुलिस विभाग का करना था। रायगढ़ जिला पुलिस के तेजतर्रार थानेदारों में शहर कोतवाल मनीष नागर प्रथम स्थान पर है। जो पुलिसिया शैली के कारण चर्चित है।सम्भवतया पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके बढ़ते प्रभाव से पीड़ा होती हो। टूटी कलम समाचार
दबाव में जांच प्रभावित नही होगी—– मनीष नागर कोतवाली प्रभारी— इस संबंध में मनीष नागर ने बतलाया कि उनके पास रिपोर्ट दर्ज करवाने वाला प्रताड़ित होता है। जिसकी रिपोर्ट दर्ज कर उसपर कार्यवाही करना उनका कर्तव्य है। आरोपी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से सम्बंध रखता हो,उनकी नजरो में प्रथम कार्य आवेदक की शिकायत पर जांच करना होता है और सही पाये जाने पर अपराध कायम करना उनका कार्य है। वे किसी के दबाव में आकर आरोपियों का पक्ष ले लें उनकी कार्यशैली सही हो सकती है। बरहाल आज भाजपा का प्रदर्शन बेतुका है।इससे आगामी समय मे लोग पुलिस के कार्यो के प्रति विरोध मे लामबंद होकर धरना प्रदर्शन कर सकेंगे। इस समय पूर्व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह की याद आ गई। यदि वे वर्तमान में बैकुंठपुर पुलिस अधीक्षक न होकर रायगढ़ पुलिस अधीक्षक रहते तो पुलिस का पुतला फूंकने का साहस शायद ही कोई बंटोर पाता। टूटी कलम समाचार






