रायगढ़—–इस समय पूरा ब्रम्हांड चीन के द्वारा छोड़े जैविक हथियार कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिये तरह तरह के उपाय खोजने में लगा है एवं वर्तमान में देश मे लगी तालाबंदी की मियाद आगे बढ़ती दिख रही है. जिसका प्रमुख कारण है कि मुद्रापिशाच देशहित,राज्यहित,शहरहित,जनताहित की न सोच स्वयं हित की सोच कालाबाजारी,पिछले दरवाजे के सहारे विपत्ति काल के समय अधिक लाभ कमाने की लालसा में पूरे समाज मे ,शहर में बदनामी का दाग कानूनी पचड़े में पड़ने वालो की संख्या गरीब,मध्यम वर्गीय से नही अपितु धनाढ्यों की संख्या ही शहर की बदनामी का कारण होते है.

नगरसेवक की उपाधि से जाने पहचाने जाने वाले परिवार के वंशजों ने आज पूरे परिवार का इतिहास खराब कर रख दिया.एक समय चांदी की सिल्लियों वाले परिवार का रसूख इतना था कि कलेक्टर,डी जे,एस पी,इंकम टैक्स अधिकारी की प्रतिदिन की शाम की बैठक इन्ही की गद्दी में होती थी.आज हालत इतनी कमजोर हो गई कि प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर होटल के पिछले दरवाजे से मिठाइयों की बिक्री की जाने लगी,साथ ही तहसीलदार ने ही 188 की कार्रवाई कर डाली,और ये लोग गिड़गिड़ाते, मन्नत मांगने लगे । लानत है यार की दिहाड़ी मजदूर,रिक्शा वाले,ऑटो वाले,कुली,हमाल,चाट-गुपचुप ठेला वाले,गुमटी वाले रोज कमाने खाने वाले,लोगो की जूठन से पेट भरने वाले,दूध बेचने वाले,फल-सब्जी वाले,घरेलू नौकर, नौकरानियां सब लोग लाकडाउन, माहमारी से बचने के लिए अपने घरों में दुबक कर सरकार का समर्थन कर रहे है तो दूसरी तरफ कई पीढियो तक बगैर काम किये राजशाही जीवन जी सकने वाले बैठकर खाने वाले परिवार के वंशज ओच्छी हरकत कर बदनामी का कलंक लगा रहे है.धन्य है शहर की तासीर,धन्य है यहां के गरीब,मध्यवर्गीय परिवार






