
✒️ टिल्लू शर्मा टूटी कलम रायगढ़….खैरागढ़ के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी “यशोदा वर्मा” की एकतरफा जीत से गदगद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तरप्रदेश,असम,खैरागढ़ के चुनावी समर में अपनी भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के सभी मंत्रियों,विधायको,कार्यकर्ताओ का मनोबल ऊंचा करने के लिए राजधानी रायपुर की होटल “बेबीलोन” में रात्रिभोज का आयोजन किया था। इस कड़ी में रायगढ़ के युवा नेता “विभाष सिंह” को भी आमंत्रित किया गया था। विभाष बघेल के काफी करीबी भी माने जाते है। विभाष को न जाने स्व.अजीत जोगी ने कैसी राजनीति दीक्षा दी है कि प्रदेश के मुखिया का करीबी इन्हें ही माना जाता है। चाहे वे विपक्ष के पूर्व मुख्यमंत्री “डाक्टर रमन सिंह” ही क्यो न हो ?

विधायकी टिकट के दूसरे नम्बर के दावेदार है “विभाष”……रायगढ़ में चल रहे घटनाक्रम की वजह से यदि तत्कालीन विधायक “प्रकाश नायक” की टिकट पर खतरे के बादल मंडरा जाएंगे तो वैकल्पिक रूप में “विभाष सिंह” का नाम दूसरे नम्बर से पहले नम्बर पर आ सकता है। हालांकि विभाष के नाम पर असन्तुष्ट घड़े हमला कर आलाकमान को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि विभाष जोगी कांग्रेस से कांग्रेस के प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ चुके है एवं उनको कांग्रेस से निष्कासित भी किया जा चुका है। टूटी कलम

विभाष के भाग्य में यदि राजयोग लिखा है तो उसे कौन मिटा सकता है…….. प्रदेश के राजनीतिक खेमो में विभाष का नाम किसी के परिचय का मोहताज नही है। चाहे वह कांग्रेस,भाजपा,आप,जोगी जनता कांग्रेस,बहुजन पार्टी ही क्यों न हो। शायद विभाष की कुंडली मे राजयोग लिखा हुआ है। जो कभी भी रूप में आ सकता है। फिलहाल प्रदेश में “कक्का है तो भरोसा है” जोर पकड़ा हुआ है। ऐसे में यदि विभाष को कांग्रेस से टिकट मिल जाती है तो इनकी जीत सुनिश्चित है। विभाष को विधायक फिर मंत्री बनने से कोई रोक नही सकता। टूटी कलम








