🎯 टिल्लू शर्मा 🖋️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़… कल रायगढ़ शहर के नटवर स्कूल स्थित मैदान में गुब्बारे में गैस भरते समय 2 लोग घायल हो गए थे. जिनमें से एक की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है. जिसका एक पैर शरीर से अलग होकर हवा में उछल गया था. अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण से एवं उसकी पल्स ना मिलने एवं ब्लड प्रेशर स्थिर ना होने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में उसके परिजनों मोहल्ले वासियों का आना जाना लगा हुआ है। मामले की गंभीरता को समझते हुए अग्रसेन सेवा समिति के द्वारा गंभीर मरीज के परिजनों को ₹5,00000 की आर्थिक सहायता देने की गई। मगर यहां यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जो आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वह उसके इलाज के दौरान खर्च किए जाने के लिए है या फिर उसके पैर कटने की क्षतिपूर्ति के रूप में दी गई है। उसको आगे का जीवन गुजारने के लिए व्यवसाय या भविष्य निधि का क्या इंतजाम किया गया है इसको भी स्पष्ट किया जाना चाहिए. आर्थिक सहायता के बाद आयोजन समिति ने गुब्बारा व्यवसाई से पल्ला झाड़ लिया गया बताया जा रहा है।
गुब्बारा व्यवसाई को मजदूर लिखना, बोलना, कहना घोर निंदनीय है…. गंभीर रूप से घायल हुए गुब्बारा व्यवसाई को कल से मजदूर लिखा एवं बोला जा रहा है जोकि किसी भी रूप में सही नहीं है एवं एक व्यवसाई के लिए इस तरह का संबोधन घोर निंदनीय एवं मानसिक कमजोरी का परिचायक है। गुब्बारा बेचने वाला क्या मजदूर की श्रेणी में आता है और यदि आता है तो कोयला व्यवसाई ,ठेकेदार, जमीनों के दलाल, लकड़ी टाल वाले,ईट भट्ठा वाले, रेत का कार्य करने वाले, टेंट हाउस वाले आदि भी मजदूर कहे जाने चाहिए। क्या केवल विज्ञापन देने वाले या चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यो को ही व्यवसाई माना जाता है। ठेले, खोमचे वाले, अस्थाई होटल वाले, छोटा व्यवसाय का अपने परिवार का भरण पोषण करने वालो को क्या मजदूर कहा जाता है।
मेडिकल स्टेटमेंट देने से बच रहे हैं डॉक्टर…. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल डॉक्टरों के द्वारा घायल सुशील पटेल के स्वास्थ्य के विषय में मीडिया से जानकारी साझा की जा रही थी किंतु कुछ समय के पश्चात शायद धन के दबाव की वजह से उन्होंने गंभीर सुशील के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देना बंद कर दिया गया. गुब्बारा व्यवसाई के स्थान पर कोई रसूखदार ,धनाढ्य, नेता ,अधिकारी रहता तो उसके स्वास्थ्य के पल-पल की जानकारी डॉक्टरों के द्वारा परिजनों एवं मीडिया को साझा की जाती रहती.




