💣 टिल्लू शर्मा ✍️टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़.. परस्पर विरोधी पार्टियों के द्वारा सत्ता पक्ष में बैठे लोगों को हटाने के लिए सभी तरह के साम, दाम दंड, भेद का जिस तरह से इस्तेमाल किया जाता है । ठीक उसी तरह से स्वयं की पार्टी के लोग भी किसी को अपने से ऊपर निकलता देख चिंतित भयभीत होकर इन्हीं नीतियों पर अमल करते देखे जा सकते हैं। शहर की ताजा तरीन घटनाओं में से एक घटना यह है कि कोतरा रोड क्षेत्र के जय हिंद गली में रहने वाले बिज्जू ठाकुर जिसकी तूती पूरे क्षेत्र में बोलती है । उन्हीं के साथ रहने वाले कुछ युवक किसी के भड़काने में आ कर बिज्जू ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोल उठ खड़े हुए हैं। इन युवकों पर किसी का वरद हस्त होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। जो शायद यह चाहता है कि इस क्षेत्र से बिज्जू ठाकुर का वर्चस्व समाप्त हो सके। बिज्जू ठाकुर की खिलाफत कर रहे युवक किसी समय ठाकुर के करीबी हुआ करते थे। बिज्जू ठाकुर को रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक का दाहिना हाथ माना जाता है जो नगर निगम में एल्डरमैन पद पर भी है।
बिज्जू ठाकुर के द्वारा भारत माता चौक में गत कई वर्षों से दुर्गा पूजा का ,भंडारे का आयोजन किया जा रहा है साथ ही उनके द्वारा सावन के महीने में बाबा भोलेनाथ की लंबी कावड़ यात्रा भी पूरे गाजे-बाजे जोशो खरोश के साथ निकाली जाती है। इनके द्वारा बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा स्वयं के हाथों से बनाई जाती है। रायगढ़ की माटी में पले बढ़े शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 वर्षों से कैंडल मार्च कर शहीद त्रिपाठी के छायाचित्र पर समर्पित की जा रही है। इनके द्वारा अपने जन्मदिन पर वृद्धा आश्रम में वृद्ध जनों को भारत पेट भोजन एवं फल,कपड़े आदि वितरित किए जाते हैं. 26 जनवरी , 15 अगस्त आदि त्योहारों पर इनके द्वारा भारत माता चौक को आकर्षक तरीके से सजवाया जाता है एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाये जाते है.
अपनी युवावस्था में हर युवक उपद्रवी होता ही है… समय के साथ साथ वह सुधरकर अपने परिवार बीवी बच्चों , माता-पिता की देखरेख करने भरण पोषण करने की व्यवस्था में लग जाया करता है। उसकी रूचि राजनीतिक,धार्मिक कार्यों में बढ़ने लगती है। बिज्जू ठाकुर की जीवन शैली इनसे कोई परे नहीं है । वे भी अपने समय में काफी उपद्रव कर अब शांतिपूर्ण जीवन जीने की रहा थाम लिए है। बिज्जू ठाकुर के द्वारा गत कई वर्षों से ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया है जिसे की असामाजिक कार्य कहा जा सके। वर्षों से उनकी जो धाक जमी हुई है । उससे कई लोगों के पेट में बल पड़ने लगे हैं। जिस वजह से वे चाहते हैं कि बिज्जू ठाकुर की धाक को गिराने की खातिर उन्हीं के लोगों से उनको आपस में लड़वा दिया जाए ताकि बढ़ती उम्र,बढ़ते राजनीतिक प्रभाव एवं पारिवारिक कारणों की वजह से बिज्जू ठाकुर अब पहले जैसी हिम्मत और साहस नहीं दिखला पाएगा. लेकिन इस तरह की सोच रखने वालों की उम्मीद पर पानी फिर सकता है यदि बिज्जू ठाकुर पुनः अपने पुराने रूप में आ जाए तो,खूनी संघर्ष होने से कोई नहीं रोक सकता. बिज्जू ठाकुर के साथ शहर के उन नामी-गिरामी, बाहुबली, रंगबाज,दादा,भैया आदि लोगों की उठ बैठ है जो बिज्जू ठाकुर के लिए अपनी जान देने से भी पीछे हटने वालों में से नहीं है. बिज्जू ठाकुर के साथ उन्हीं के लोगों का विवाद चल रहा है जिसका परिणाम कभी भी गंभीर आ सकता है। बिज्जू ठाकुर के साथ उन्हीं के लोगों के द्वारा विवाद उत्पन्न करवाने वाला सबसे ज्यादा संकट में आ सकता है क्योंकि पासा पटने में देर नहीं लगती है। वर्तमान में आपसी प्रतिद्वंदी बने दोनों ग्रुप कभी भी एक सकते हो जिस वजह से तीसरे को नुकसान निश्चित रूप से उठाना पड़ सकता है.





