🔥टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🌕. पूर्व कलेक्टर वर्तमान रायगढ़ विधायक छत्तीसगढ़ के वित्त,आवास,पर्यावरण,सांख्यिकी मंत्री एवं घोषित मुख्यमंत्री विवेकशील, विकासशील, ओपी चौधरी अपना कलेक्टर पद त्याग कर राजनीति के जरिए मानव सेवा करने का फैसला कर कदम उठाया गया था. चौधरी के द्वारा उठाया गया आत्मघाती कदम आज उनकी सफलता के कदम चूम रहा है. आत्मघाती इसलिए लिखना पड़ रहा है क्योंकि यदि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार नहीं आती तो उन्हें विपक्ष की राजनीति करनी पड़ती.आज ओ पी चौधरी को छत्तीसगढ़ का सबसे पावरफुल इंसान माना जाता है. जिनकी पहुंच दिल्ली में सत्ता संभाल रहे भाजपा के कद्दावर नेताओं तक है. आज पूरे छत्तीसगढ़ में ओपी चौधरी की तूती बोल रही है.
जिससे प्रभावित होकर रायगढ़ के जाने-माने समाजसेवी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित हो चुके.सफल युवा व्यवसाई दीपक अग्रवाल (डोरा) का मन भी विचलित हो चुका है और वे सक्रिय में उतरकर जन सेवा करना चाहते हैं जिसके लिए उन्होंने शुरुआती तौर पर भाजपा से वार्ड नंबर 19 के पार्षद टिकट लेने की लिए रायपुर में कैंप कर दिया था. जहां इन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , से भेंट मुलाकात कर अपनी मनसा जाहिर कर दी थी. जिस वजह से सुरेश गोयल की टिकट रोक दी गई थी. दीपक ने नेताओं को बताया कि वे बचपन से ही स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए हैं एवं उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी जनसंघ वाली है. उनका मन अब व्यवसाय से हटकर समाज सेवा की ओर जा रहा है. इसके खातिर उन्होंने “देवकी रामधारी फाउंडेशन” चलाया जा रहा है. जिसके तहत किसी के निधन हो जाने पर उनके परिजनों को समझा बूझकर शव को मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाता है ताकि भविष्य में डॉक्टर बनने वाले छात्र-छात्राएं मृत शरीर से कुछ सीख सके. इसके अतिरिक्त उनके द्वारा नेत्रदान महादान का कार्यक्रम भी चलाया जाता है.
दीपक अब चाहते हैं कि वे सक्रिय राजनीति में उतरकर जनता की सेवा प्रत्यक्ष रूप से कर सके और अपना नाम ओपी चौधरी की तरह प्रसिद्ध कर सके. दीपक समाज सेवा में आने के लिए भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुनाव लड़ने वाले थे. मगर ओ पी चौधरी की समझाइस कि अभी चुनाव लड़ने के लिए तुम्हारा पूरा जीवन बचा है. भविष्य में तुम अपनी मंजिल को अवश्य का जाओगे. इसके बाद दीपक ने वार्ड नंबर 19 के प्रत्याशी सुरेश गोयल के पक्ष में धुआंधार प्रचार करना शुरू कर दिया और परिणाम सकारात्मक आया सुरेश गोयल 313 मतों से विजई हुए.
बताया जा रहा है कि दीपक की हठधर्मिता की वजह से उनकी अर्धांगिनी लता का नाम वार्ड नंबर 19 के पार्षद पद के लिए टाइप हो चुका था किंतु दीपक ने मना करते हुए सुरेश गोयल के पक्ष में प्रचार प्रसार करने का वचन दिया गया. ज्ञात रहे कि दीपक डोरा के ऊपर पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के नेतृत्व में थाना घेराव का मामला भी दर्ज हुआ था. जिसमें उनको 13 साथियों सहित न्यायालय के द्वारा बरी कर दिया गया. दीपक की गिनती ओपी चौधरी के विशेष समर्थकों में की जाती है. बीते नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 19 के भाजपा प्रत्याशी सुरेश गोयल को इतवारी बाजार क्षेत्र से मिली 191 वोटो की बढ़त का कारण दीपक डोरा की मेहनत और लगन बताई जा रही है. दीपक की पहचान वार्ड नंबर 19 के सभी लोगों से है और सबसे मधुर संबंध है. दीपक की धर्मपत्नी लता स्वयं एक समाजसेवी है जो श्याम सखी मंडल, अग्रसेन महिला समिति, लाइनेस क्लब की सक्रिय पदाधिकारी कार्यकर्ता है. इस वजह से लता की जान पहचान का दायरा बहुत बड़ा है. महिलाओं के बीच लता काफी लोकप्रिय है. जो अपने व्यवहार एवं कार्यों की वजह से अलग पहचान रखती है.






