🔱 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम न्यूज़ 🎤 रायगढ़ 🌍 छत्तीसगढ़ 🏹….जैसा कि छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सांस्कृतिक कार्यक्रम चक्रधर समारोह का आयोजन चल रहा है। जिसके उद्घाटन के लिए महामहिम राज्यपाल रमेन डेका का आगमन हुआ था . महामहिम सड़क मार्ग से जांजगीर चांपा होते हुए।शाम को रायगढ़ पहुंचे।कुछ समय जिंदल गेस्ट हाऊस में विश्राम कर रामलीला मैदान पहुंचे।जिनके द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर चक्रधर समारोह के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया।मंच पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह (बाबा) उपस्थित थे। जो की एक जरूरी सम्मानजनक प्रक्रिया है।किंतु मंच पर जिला भाजपा के पदाधिकारियों का उपस्थित रहना।जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़ा हो गया।जिसका उत्तर आम जनता जानना चाहती है कि क्या शासकीय कार्यक्रम और राज्यपाल के मंच पर राजनीतिक दल के पदाधिकारी भी उपस्थित रह सकते है ? चूंकि चक्रधर समारोह कोई सार्वजनिक एवं राजनीतिक समारोह नहीं है।इसलिए इस मंच पर महामहिम राज्यपाल के साथ भाजपा के लोगों का मंच साझा करना किसी को हजम नहीं हो रहा है।लोग दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं।खुल कर विरोध जताने का साहस विपक्ष के कांग्रेसी भी नहीं कर पा रहे है। जिसका कारण निगम का नोटिस,विद्युत विभाग का विच्छेदन,E.D,I T, जी एस टी,आदि की छापेमारी का डर,भय है। लोग हिटलरशाही,तानाशाह सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलने से पहले अपने अवैध कारोबारों,घर परिवार के विषय में सोचते हैं।
भाजपा के पदाधिकारियों की उपस्थिति. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम रमन डेका के मंच पर भाजपा नेता जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू,गुरपाल भल्ला,सुभाष पांडे,श्रीकांत सोमावार,विकास केडिया, आदि का उपस्थित रहना कोई कम बड़ी प्रशासनिक चूक हो सकती है क्योंकि राज्यपाल कोई जनप्रतिनिधि नहीं होते हैं और ना ही किसी पार्टी विशेष से जुड़े होते हैं। उन्हें ही सरकार समझा जाता है। जिनके पास उपयोग न कर पाने वाली सुपर पावर होती है।जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार के द्वारा की जाती है।
शासकीय कार्यक्रम के मंच पर राज्यपाल के साथ सांसद,विधायक उपस्थित रह सकते हैं चूंकि चक्रधर समारोह पूर्ण रूप से जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के संस्कृति,पर्यटन विभाग का कार्यक्रम है।इसलिए महामहिम राज्यपाल के साथ सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारियों के उपस्थित रहने से आम जनता के मन में पार्टी विशेष का कार्यक्रम माना जा रहा है। भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों में जिला प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए।










