निगम कमिश्नर आशुतोष पांडेय ने दिया जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड को धारा 175 के तहत दिया (कुर्की )नोटिस
39 करोड़ 45 लाख 75 हजार 733 रुपये की करनी है वसूली
कार्यपालन अभियंता ए के तिग्गा को बनाया प्राधिकृत अधिकारी
रायगढ़ जिला कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त द्वारा शहर के सबसे बड़े उद्योग को लगातार कर जमा हेतु समझाइस दी जा रही थी किन्तु उक्त उद्योग की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नही की गई, जिस पर सख्त कार्यवाही करते हुए उस उद्योग को कुर्क करने वारंट जारी किया गया है ।
ज्ञात हो कि निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय द्वारा जिंदल स्टील एवं पावर लिमिटेड पतरापाली रायगढ़ को विगत 3 से 4 माह कर जमा करने हेतु नोटिस दिया गया था,
साथ ही प्रबंधन के प्रत्येक स्तर पर कर जमा करने आग्रह किया था किन्तु उक्त उद्योग की ओर से प्रतिक्रिया शून्य होने की स्थिति में
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम रायगढ़ अधिनियम 1856 की धारा 174 की उप धारा 1 के अधीन उस पर शामिल की गई सूचना में मांग किए गए रुपए 39 45 75 733 रुपये की राशि उक्त सूचना को तामिल के 15 दिनों के भीतर नहीं चुकाई जाएगी तब की स्थिति में आयुक्त महोदय ने कार्यपालन अभियंता अजीत तिग्गा को निर्देशित करते हुए अधिनियम की धारा 175 के अंतर्गत आदेश जारी कर जब तक कि जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड पतरापाली रायगढ़ समाधान योग्य या सिद्ध ना कर दें कि उसने उक्त राशि नगर पालिक निगम रायगढ़ को चुका दी है या जब तक कि यह उक्त राशि आपको ना चुकाये आप वसूली के समस्त खर्चा सहित उक्त जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड पतरापाली रायगढ़ को चल संपत्ति के अभीहरण तथा विक्रय के द्वारा उसकी अचल संपत्ति की कुर्की तथा विक्रय द्वारा वसूल धारा 178 के अंतर्गत कार्यवाही करने का निर्देश जारी कर उक्त अधिनियम की धारा 177 उपलब्धो के अधीन रहते हुए इस वारंट में निर्दिष्ट अभीहरण की दृष्टि से सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच किसी भी समय भवन के बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़कर खोलने के लिए प्राधिकृत किया गया है ।जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने आज तक की सबसे ज्यादा कर राशि 39.46 करोड़ की राशि नगर निगम के आंखों में धूल झोंक कर निगम प्रशासन को नजरअंदाज किया है, जिसके परिणाम स्वरूप आयुक्त एवं नगर पालिक निगम के अधिकारियों कर्मचारियों ने छोटी से छोटी एवं बड़ी से बड़ी राशि को आम जनता से वसूली की है परंतु उद्योग में अपना वर्चस्व दिखाते हुए आज पर्यंत करोड़ों की राशि जमा नहीं की गई है आयुक्त आशुतोष पांडे एवं प्रशासन की कुशल मार्गदर्शन में सौहार्द पूर्वक नियमानुसार उक्त राशि को जमा करने हेतु निर्देशित किया है अन्यथा उनकी संपत्ति को कुर्क करने का भी आदेश प्रसारित किया गया है ।
39.46 करोड़ की राशि निगम को प्राप्त होने पर रायगढ़ शहर की विकास, सौंदर्यीकरण स्वच्छता में चौमुखी विकास की प्रगति पर अग्रसर होगा, निगम ने यह ठान लिया है कि ईमानदारी पूर्वक कार्य करते हुए रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित शासन की मंशा अनुरूप कार्य करते हुए कर वसूली भी किया जाएगा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बख्शा जाएगा। शहर के छोटे छोटे करदाताओं द्वारा आज निगम में स्वयं पहुंचकर अपने आयकर पटाने में रुचि दिखाते नजर आ रहे हैं परंतु रायगढ़ शहर के सबसे बड़े उद्योग जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड पतरापाली रायगढ़ द्वारा निगम के किसी भी प्रकार के कर नहीं पटाये गए हैं जिसे जमा करने हेतु कार्यवाही करते हुए नोटिस तामिल के साथ कुर्की वारंट जारी किया गया है।







