
टूटी कलम समाचार— जहां एक ओर पूरा जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण को मात देने में जी जान जुटाकर लगा हुआ है और पूरे जिले को कलेक्टर भीम सिंह के अथक प्रयास से पूरे प्रदेश में पहला टीकाकृत जिला बनाकर प्रदेश स्तर पर अव्वल स्थान प्राप्त करवा कर यहां के निवासियों को जागरूक होने का संदेश प्रदेश स्तर पर गया है। तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण काल,डेंगू काल,मौसमी बीमारियों के सीजन में खरसिया नगर के बाशिंदे मटमैले पानी के उपयोग करने के लिए नगर पालिका के आगे मजबूर है। टूटी कलम समाचार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने मोटी धनराशि फूंककर फिल्टर प्लांट की सफाई एवं पानी टँकीयो की सफाई पूर्व में करवाई गई है। इसके बावजूद लोगो के घरों में लगे पालिका के नलों में मटमैले पानी आने की शिकायत पर भी पालिका के अधिकारीयों,जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं भी नही रेंग रही है। नलों से निकलते मटमैले पानी को पीने एवं भोजन पकाने को मजबूर हो चुके है। टूटी कलम समाचार
जून से सितंबर तक के माह को मौसमी बीमारियों का समय माना जाता है। फिलहाल लोग कोरोना एवं डेंगू के डंक से दहशत में है। ऊपर से नई आफत खड़ी हो गई है मटमैले पानी की,जिसके सेवन से उल्टी,पेचिश, घबराहट, बैचैनी,आंत्रशोथ, पीलिया आदि के होने की सम्भावनाओ को बल मिलता है। टूटी कलम समाचार
धनाढ्यों को फर्क नही पड़ेगा ,प्रभावित मध्यम वर्गीय परिवार एवं स्लम बस्ती के लोग हो सकते है— मटमैले पानी से पड़ने वाले दुष्प्रभाव से धनाढ्य वर्ग को किंचित मात्र फर्क नही पड़ेगा क्योंकि उनके घरों में स्वयं के बोर होंगे,एक्वागार्ड लगे होंगे,बोतलबंद मिनरल वाटर खरीदकर पीने में सक्षम है परन्तु गरीब एवं सामान्य लोग क्या करें ? ये लोग अपनी व्यथा किसके आगे बयां करें ? अब जिला कलेक्टर भीम सिंह को ही इस मामले की सुधि लेनी पड़ सकती है।टूटी कलम समाचार
डेंगू फैलने का खतरा— इस सम्बंध में मिली जानकारी के अनुसार खरसिया शहर में डेंगू विरोधी कोई अभियान नही चलाया जा रहा है। नालियों,गढ्ढो,रुके पानी पर एंटी लार्वा नाशक दवाइयों का छिड़काव,गलियों,पारा, मोहल्लों में कीटनाशक दवाई मिश्रित धुआं भी नगर पालिका द्वारा नही उड़ाया जा रहा है। जिसे की फॉगिंग कहा जाता है। जिस वजह से खरसिया शहर में मच्छरों की तादात में अप्रत्याशित रूप से इजाफा हो रहा है। ज्ञात रहे कि बरसात का मौसम ही मादा मच्छरों का प्रजनन काल होता है। नगर पालिका के द्वारा नालियों के किनारे लाखो रुपयों के डिटीटी पावडर का छिड़काव कर अपनी पीठ थपथपा लेती है। मगर यह छिड़का गया पाउडर हल्की बारिश के कारण बह जाता है। इसके लिए टेलीमास दवा,जले मोबिल का छिड़काव ही असर कारक माना जाता है।पालिका के अधिकारी के सांथ अनुविभागीय अधिकारी को भी इस ओर ध्यान देना जरूरी है। टूटी कलम समाचार