कलेक्टर मंत्रियों के गुलाम नही है….मुख्यमंत्री के बगैर संज्ञान में लाये कलेक्टरों की बैठक क्या उचित है….एक गलत परंपरा शुरू होने से पहले रोकना होगा IAS लाबी को….
मुख्यमंत्री के देखम देख राजस्व मंत्री ने भी कलेक्टरों पर प्रभाव जमाना चाहा....इसको कहते है कि "सूप बोले तो बोले...


















