प्रशासन एवँ चेम्बर की मर्जी से व्यवसायिक प्रतिष्ठान,बाजार न खुलते और न ही बंद होते है…..व्यवसाई अपना धन लगाकर व्यवसाय करता है…नफा नुकसान स्वयं सहन करता है तो वह स्वयं की मर्जी से कार्य करेगा…
टूटी कलम समाचार.... त्यौहारो के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं चेम्बर व्यसाइयो पर अपनी छाप छोड़कर व्यपारियो के हितैषी कहलाने के...



















