🎤 टिल्लू शर्मा ✒️ टूटी कलम रायगढ़ छत्तीसगढ़ रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक पर विपक्ष के द्वारा लगातार निष्क्रियता के आरोप लगाए जाते रहे हैं। जिसे बेबुनियाद कहे जा सकते हैं। पिछले साढ़े चार साल के भीतर प्रकाश नायक के प्रयास से जो विकास कार्य करवाए गए उसकी फेहरिस्त बहुत लंबी है। जिसका उल्लेख यहां पर करना नामुमकिन है मगर कुछ बड़े कार्यों का उल्लेख अवश्य किया जा रहा है।
(1) बंद रहने वाले रेलवे क्रॉसिंग से निजात मिली कोतरा रोड फ्लाई ओवर ब्रिज के माध्यम से…. लगभग दो दशक से जनमानस के द्वारा कोतरा रोड रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर से फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग की जा रही थी क्योंकि औद्योगिक शहर होने के बाद बड़ी वाहनों की रेलम पेल बढ़ गई और अक्सर फाटक बंद होने की वजह से फाटक के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग जाया करती थी। जिसके कारण लोगों की समय की बर्बादी होती थी एवं धूप और बारिश भी सहन करना पड़ता था। विधायक प्रकाश नायक के द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस जन समस्या को संज्ञान में लाया गया। जिसके पश्चात मुख्यमंत्री के द्वारा कोतरा रोड फ्लाईओवर ब्रिज के लिए हरी झंडी देते हुए 72 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। कोरोना की वजह से ब्रिज के निर्माण में 2 वर्ष अधिक लग गया परंतु ‘T’ के रूप में बने ब्रिज की लागत 1अरब रुपए हो जाने के बावजूद ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद बगैर कोई हो हल्ला किए,शाबाशी लिए ब्रिज का लोकार्पण कर दिया गया। यह ब्रिज प्रकाश नायक के लिए मील का पत्थर साबित हो गया। रायगढ़ का इतिहास रहेगा तब तक इस बीच के माध्यम से प्रकाश नायक को याद किया जाता रहेगा।
(2) केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड में मंगल भवन बनवाया गया शहर में गरीब तबकों की सगाई, शादी आदि कार्यक्रमों के लिए भव्य मंगल भवन की आवश्यकता महसूस हो रही थी। जिस को संज्ञान में लेते हुए विधायक प्रकाश नायक के द्वारा शहर के केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड के समीप खंडहर हो चुके कांजी हाउस की जमीन पर एक भव्य मंगल भवन बनवाने के लिए राज्य शासन से निवेदन का धनराशि उपलब्ध करवाई गई। एक भव्य मंगल भवन बनकर तैयार हो गया। जिसमें दो बड़े-बड़े वेंकट हॉल रूपी हवादार विद्युत सुसज्जित है और सामने रिक्त भूमि है। इसमें भविष्य में गार्डन बनाया जा सकता है। इस मंगल भवन का लाभ कई वार्ड निवासियों को मिलेगा। मंगल भवन का लोकार्पण विधायक प्रकाश नायक के हाथों किया गया। विधायक के इस कार्य की प्रशंसा अनेक वार्ड वासियों के द्वारा की जा रही है।
खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे विधायक प्रकाश नायक बढ़ती लोकप्रियता की वजह से विपक्ष लगभग रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शून्य की स्थिति में आ गया है। प्रकाश नायक के विधायक बनने के पश्चात लोगों के द्वारा तरह-तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाये जाते रहे हैं किंतु प्रकाश नायक लोगों का भरम तोड़ते हुए बगैर कुछ सुने अपने कर्तव्य में लगे रहे और अपनी दिनचर्या सुधारते हुए आमजन के लिए जनदर्शन दिनचर्या में शामिल कर लिए। जहां अनेको तरह के लोग अनेको तरह की समस्याएं लेकर जाया करते हैं और समाधान पाकर विधायक को साधुवाद देते हुए लौटा करते हैं।
2 के बीच में तीसरे को फायदा की मानसिकता पाले हुए हैं विपक्ष पार्टी वाले.. प्रकाश नायक की जीत को विपक्ष के द्वारा दो की लड़ाई में तीसरे का फायदा बतलाया जाता है जो कि गले उतरने योग्य नहीं हैं। प्रकाश नायक ने प्रदेश स्तर पर भाजपा के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व विधायक स्वर्गीय रोशन लाल अग्रवाल एवं भाजपा के बगावती प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े पूर्व विधायक विजय अग्रवाल दोनों को एक साथ शिकस्त देकर रायगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी थी। अपनी हार को पचाने के लिए विपक्ष के द्वारा पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के सर पर ठीकरा फोड़ते हुए रोशन लाल की हार का कारण मानते हुए प्रकाश की जीत का कारण बतलाते है। यदि 2 की लड़ाई में तीसरे को फायदा होना था तो रायगढ़ लोकसभा के में यूथ आइकन के रूप में जाने पहचाने जाने वाले विभाष सिंह ठाकुर को जीत हासिल होनी थी। अथवा चुनाव में पैसे को पानी की तरह से बहाने वाले विधायक बनने की चाहत रखने वाले टेंट एवं होटल व्यवसाई भरत दुबे को जीत क्यों नहीं मिल पाई।
प्रकाश नायक को अपने पिता से मिली राजनीतिक कुशलता .. रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक का राजनीति से शुरुआती रिश्ता रहा है. जिन्होंने अपने पिता मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके एवं सर्वश्रेष्ठ विधायक का खिताब जीत चुके। स्वर्गीय डॉक्टर शकराजीत नायक की छत्रछाया में राजनीति के दांवपेच सीखें है। शायद इन्हीं कारणों से रायगढ़ नगर पालिका निगम की शहर सरकार एवं जिला पंचायत की सरकार पर कांग्रेस का एक तरफा कब्जा संभव हो सका है।
(3) रायगढ़ शहर की सड़कें चकाचक हुई.. भाजपा शासनकाल के दौरान शहर की सड़कें दम तोड़ने लगी थी। तात्कालिन भाजपा विधायक रोशन लाल अग्रवाल के अथक प्रयास के बावजूद शहर की सड़कों को सुधारा नहीं जा सका था। किंतु प्रकाश नायक ने टूटी-फूटी सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य शासन से राशि स्वीकृत करवाकर शहर की सभी सड़कों का कायाकल्प करवा दिया गया।
(4) केलो बांध से निकली नहर अपने स्थान तक पहुंची. रबी फसल के लिए कृषि की पैदावार अच्छे से हो इस कारण भूमि सिंचित करने के लिए केलो बांध से रायगढ़ विधानसभा के उड़ीसा से सटे अंतिम गांव तक नहर के माध्यम सेपानी पहुंच सके. इसके लिए प्रकाश नायक ने स्वयं का भरपूर विरोध स्वयं की पार्टी के जिला पदाधिकारियों एवं विपक्षी पार्टियों के द्वारा किए जाने पर भी बगैर विचलित हुए नहर का काम पूरा करवा दिया गया। प्रकाश नायक की यह उपलब्धि भी रायगढ़ के लिए ऐतिहासिक बन चुकी है। जिसका गुणगान आने वाली पीढ़ियां अवश्य ही करेगी। धीर गंभीर शैली अपना चुके प्रकाश नायक अपने विरोध का बगैर कोई प्रत्युत्तर दिए कर्मयोगी की भूमिका में लगे रहे।
(5) सूरजगढ़ की एप्रोच रोड बनकर तैयार हुई.. महानदी पर बने प्रदेश के सबसे लंबे पुल सूरजगढ़ की दोनों तरफ की सड़कें बद से बदतर हालत में पहुंच चुकी थी। जहां विपक्ष के द्वारा बेशर्म के पौधे, धान आदि लगाकर विरोध किया जाता रहा। प्रकाश नायक के द्वारा उक्त गंभीर विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया एवं धनराशि स्वीकृत करवा कर चकाचक सड़क बनवा दी गई। जिसका अधिक फायदा सारंगढ़ जिले के लोगों को हुआ है। रायगढ़ के लोगों को उड़ीसा जाने की राह आसान हो गई है।
प्रकाश नायक ने विधानसभा सत्र के दौरान उठाया फ्लाई एस का गंभीर मुद्दा.. लोकप्रिय, ऊर्जावान, धीर गंभीर, रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने विधानसभा सत्र के दौरान फ्लाई ऐश का मुद्दा उठाकर राजनीति हलचल मचा दी थी। जिसका जवाब प्रदेश सरकार के द्वारा गंभीरता से नहीं दिया गया और ना ही उक्त मुद्दे को गंभीरता से लिया गया। अपनी विधानसभा क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए प्रकाश नायक ने अपनी ही कांग्रेस सरकार के खिलाफ फ्लाईएस निपटान की गंभीर समस्या पर प्रश्न उछाल कर प्रदेश स्तर पर सनसनी मचा दी थी। फ्लाई एस मुद्दे एवं जनसुनवाई पर रायगढ़ जिले के कद्दावर भाजपा नेताओं ने किस वजह से चुप्पी साधी हुई है लोग इस प्रश्न का उत्तर भाजपाइयों से मांग रहे हैं।
(6) मेडिकल कॉलेज का कार्य पूर्णता की ओर रायगढ़ में मेडिकल कॉलेज का सपना पूर्व सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के द्वारा देखा गया था। जिसके लिए कोड़ातराई के आगे ग्राम लोहरसिंह र्में भूमि पूजन किया गया था। कांग्रेस की सरकार बदलते ही भाजपाइयों ने अपनी जमीनों की कीमत बढ़ाने की खातिर मेडिकल कॉलेज का स्थान परिवर्तन कर दिया गया। पहाड़ के किनारे मेडिकल कॉलेज बनना शुरू हुआ जो आज तक पुरा न हो सका। वास्तु शास्त्र के हिसाब से पहाड़ की छाया जहां तक जाती है वह क्षेत्र कभी विकास नहीं कर पाता है। मंथर गति से चल रहे मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य प्रदेश में कांग्रेसी सरकार आने के बाद द्रुतगति से होने लगा और जिला चिकित्सालय से सारे विभागों को मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया। जहां रोगियों का इलाज होने लगा है और अब मेडिकल कॉलेज का कार्य पूर्णता की ओर है। इसके लिए भी प्रकाश नायक नहीं बगैर वाहवाही बटोरे अथक प्रयास किया है।





