*टूटी कलम* रायगढ़—— बात कोरोना फाइटर्स,पुलिसिया रुआब,समाजसेवा की हो और जूटमिल थाने के *सुपर इंवेस्टिगेटर* थानेदार अमित शुक्ला की चर्चा न हो तो पूरे एक क्षेत्र की चर्चा अधूरी रह सकती है। जिले के सर्वोत्तम थानेदारों में से एक थानेदार अमित कुमार शुक्ला है। जो कि अपराधों के नियंत्रण करने में सिद्धस्त माने जाते है।अपराधियो की इनके नाम से ही पेंट आगे से गीली और पीछे से पीली हो जाती है। जिले के अति संवेदनशील माने जाने वाले जूटमिल थाना क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत है। महज 15 किलोमीटर से ही ओड़िसा सीमा प्रारंभ हो जाती है और वहां से कई जंगली रास्ते है। जिसका फायदा उठाकर गांजा,अवैध कच्ची पक्की अंग्रेजी शराब,धान आदि की तस्करी करने वाले छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश तो कर जाते है परन्तु अमित शुक्ला के तगड़ी मुखबिरि तंत्रो की वजह से वे अपने मकसद में कामयाब नही हो पाते और पकड़े जाकर जेल भेजे जाते है। लंबे,चौड़े, ऊंची कद काठी के सुदर्शन अमित ऊपर से जितने मासूम दिखते है। उतने ही अंदर से कड़क और सख्त है।
अति संवेदनशील थाना क्षेत्र के प्रभारी है अमित शुक्ला—जिले के अति संवेदनशील थानों में से एक है जूटमिल थाना जिसे शहर के रेल्वे क्रासिंग से कोड़ातराई,कनकतुरा, केलो नदी के भगतसिंह सेतु अमलिभौना तक अनेक वार्डो,ग्रामो पर पुलिसिया नियंत्रण रखना पड़ता है। इस थाना क्षेत्र अंतर्गत सभी धर्मों,जातियों के रहवासियों की समबाहुलता है। उत्तरप्रदेश, बिहार वालो की संख्या अधिक होने की वजह से इसे छोटा बिहार भी कहा जा सकता है। हरिजन,आदिवासी,क्रिश्चियन, मुस्लिम,ब्राम्हण,क्षत्रिय,सिक्ख, अघरिया,वैश्य आदि सभी जाति के लोग इस क्षेत्र में समान रूप से रहते है। किसी समय डर-भय का पर्याय यह क्षेत्र आज सबसे ज्यादा उन्नत क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। इस थाना क्षेत्र को अपने नियंत्रण में रखना कोई बिरला थानेदार ही कर सकता है। सुबह से लेकर देर रात तक लड़ाई-झगड़ा, गुंडागर्दी, छिनतई,छेड़छाड़, चोरी आदि के मामले आते ही रहते है। जिसकी वजह से अन्य कोई थानेदार यहां का प्रभार लेना नही चाहता।
सुपर इंवेस्टिगेटर खिताब धारी है अमित शुक्ला——- बलात्कार के प्रकरण में महज 6 घँटे के भीतर आपोपी को पकड़कर कागजी कार्यवाही पूरी कर न्यायलय में चलान पेश कर आरोपी को जेल दाखिल करवाने की वजह से पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने अमित शुक्ला को पहले सुपर इंवेस्टिगेटर का प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया। जिस वजह से जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों में प्रतिस्पर्धा का दौर चल पड़ा और सभी थानेदार आपराधिक मामलों के चलान शीघ्र ही न्यायालय में पेश करने की दौड़ में शामिल हो गये।
किरोड़ीमल नगर ए टी एम हत्या-लूटकांड के आओपियो को धर दबोचने में अमित शुक्ला की रही अहम भूमिका———– लाकडाउन के दौरान शहर से सटे किरोड़ीमल नगर पंचायत में आजाद चौक के पास अज्ञात नकाबपोश बदमाशो ने दिन दहाड़े स्टेट बैंक के ए टी एम वाहन को लूटने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। जिसकी सूचना मिलते ही जिला पुलिस के आला अधिकारी एवं बिलासपुर रेंज के आई जी, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश नंदकुमार पटेल भी घटना स्थल पर आये थे। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर पूरे जिले की सीमाओं को सील करवाकर पुलिस को हाई अलर्ट कर आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग अलग टीम बनाकर मोटरसाइकिल से सर्चिंग करने के आदेश दिए। एक सर्चिंग टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा,एक टीम नगर पुलिस अधीक्षक अविनाश सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में सर्च करने निकली थी। एक टीम थानेदारों की टीम थी जिसमे अमित शुक्ला भी शामिल थे। वे आसपास के सभी गांवों के घर घर की सर्चिंग कर रहे थे। तभी अहम सुराग हाथ लगा और पुलिस ने उस घर को चारों तरफ से घेर लिया जिसमे आरोपी छिपे थे। खतरा जान का भी था क्यूंकि डकैत शार्प शूटर थे और उनके पास रिवाल्वर और कट्टे भी थे। जिनका नमूना उन्होंने किरोड़ीमल नगर में दिखला दिया था। कूद फांद कर पुलिस वाले अंदर तो दाखिल हो गए परन्तु हत्यारे एक कमरे में अंदर से बंद कर बैठे थे। जान जोखिम में डालकर अमित शुक्ला ने लात मारकर कमरे का दरवाजा तोड़ा तब बाकी पुलिस वाले अपराधियो को बगैर कोई मौका दिए उनपर टूट पड़े और उनको धर दबोचा महज 12 घँटे के अंदर खूंखार अपराधियो को पकड़ने वाली रायगढ़ पुलिस टीम को पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी ने रायपुर पुलिस मुख्यालय में इंद्रधनुष पुरस्कार से सम्मानित किया था। जिसमे अमित शुक्ला को भी प्रशस्ति पत्र दिया गया था।
अमित शुक्ला आयरन ओर, कबाड़,गांजा,शराब,बदमाशो,चोर,उचक्कों, पर रोज करते है कार्यवाही—–पहले लिखा जा चुका है कि उक्त थाना क्षेत्र अति संवेदनशील है जहाँ हर तरह के अपराध होते है और अपराधी जन्म लेते है। जिनको पकड़ने पर उनके आकाओं के फोन आने लगते है मगर इन सबका अमित शुक्ला पर कोई प्रभाव नही पड़ता। वे अपने कार्यो का निर्वहन करने में टस से मस नही होते। सट्टे के लिए कुख्यात इस क्षेत्र में सट्टे का कारोबार अब लुकछिप कर होता होगा।
लाकडाउन में निभाये अपना फर्ज—– जब पूरी दुनिया कोरोना माहमारी की दहशत एवं सरकार के फरमान पर अपने अपने घरों में ही कैदी सरीखे जीवन जीने पर मजबूर हो गए तब गरीब एवं मध्यम वर्ग के तबकों के सामने पेट भरने की समस्या उतपन्न हो गई थी। तब रायगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने उनका भरपूर ख्याल रखा। सभी थाना/ कोतवाली प्रभारियों ने थाने से निकलकर अपने थाना क्षेत्रो की जनता का ख्याल रखा और दिनचर्या की वस्तुओं को घर घर पहुंचाये। अमित शुक्ला ने स्वयं की जेब से रुपये खर्चकर भोजन,पानी की व्यवस्था करी, कई किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले जूटमिल थाना क्षेत्र में राहत सामग्रियां पहुँचवाकर अपना फर्ज अदा किया साथ ही अवैध समानों गांजा,शराब,कबाड़,धान के परिवहन करने वाले तस्करों की कमरतोड़ कर रख दी। बेवजह तफरीह करने वालो,मास्क न पहनने वालो,दुकान खोलने वालो,पान गुटका के ब्लैकमेलरों पर पुलिसिया कार्यवाही भी कड़ाई से करी, वाहन चालकों के चालान काटे,कान पकड़कर उठक-बैठक भी करवाई। कुल मिलाकर यह अति संवेदनशील थाना क्षेत्र लाकडाउन में भी पूर्णतया शांत रहा। जिसका कारण थानेदार अमित शुक्ला की 24 घँटे मॉनिटरिंग रही। जूटमिल थाना क्षेत्र के अतिरिक्त शहर में भी व्यवस्था सम्भालने के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने अमित शुक्ला पर अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी थी। जिसका निर्वहन अमित ने ईमानदारी से किया था।




