टिल्लू शर्मा रायगढ़ की कलम से—- पहाड़ो की चोटी से जमीन पर गिरते झरने के अनुपम सौंदर्य के प्रतीक माने जाते है। जिसके पानी गिरने से बहुत बड़ा जलकुंड बन जाता है। जिसके पानी को नहर के माध्यम से निस्तारी एवं खेती के काम लिया जाता है मगर जब वही पानी सड़को पर बहने लग जाये तो जनमानस के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। ऐसा ही नजारा इन दिनों खरसिया,पलगड़ा-सक्ति मार्ग पर नेशनल हाइवे सड़क पर देखा जा सकता है।
पलगड़ा के समीप जब सड़क पर बहती नदी दिखी तो एक जिज्ञासा उतपन्न हो गई कि यह करामात किसने कर दिखलाई तो जानकारों ने जो बतलाया वह काफी खोजी है। उन्होंने ने बतलाया कि लगभग 2 वर्ष पूर्व बिलासपुर से रायगढ़,हमीरपुर होकर ओड़िसा जाने वाली नेशनल हाइवे सड़क निर्माण का ठेका तमिलनाडु के ठेकेदार ने लिया था। जिसे पेटी ठेकेदार खरसिया के किसी मेसर्स सुभाष अग्रवाल एवं रायगढ़ के मेसर्स राधेश्याम अग्रवाल को पार्ट पार्ट में बनाने का मौका दिया ताकि स्थानीय होने पर सड़क को बेहतर बनाया जा सके परन्तु निर्माण कार्य मे भारी भ्रष्टाचार किया जाना बतलाया गया। सड़को के लेबल,ढ़लान पर कोई ध्यान नही दिया गया सांथ ही पहाड़ से निकलने वाले जल स्त्रोत के लिए भी नाली का निर्माण नही होना बतलाया गया। जिससे पानी सड़को पर बहकर आवागमन को प्रभावित करता है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। सड़क पर जल बहाव के कारण आने जाने वालों को असुविधा का सामना करना पड़ता है सांथ ही क्षेत्र वासियो में भारी रोष है।
नेशनल हाईवे के कार्यपालन अभियंता रायगढ़ में पीछे 14 वर्षो से डटे हुए है। एक दो बार पूर्व में उनका तबादला भी किया गया था परन्तु न जाने किस कारण से उनका प्रेम रायगढ़ से बना हुआ है कि वे हर बार अपने धनबल,रशुख के दम पर रायगढ़ में पुनः पदस्थ हो जाते है। सूत्र यह बतलाते है कि उनके चहेते ठेकेदार उनका स्थानांतरण रुकवाने के लिए हर तरह की जोर आजमाइश कर सफल हो जाते है।







