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🏹टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤न्यूज रायगढ़…. रायगढ़ जिले में जितनी अंधेरगर्दी देखने को मिल रही है. पुलिस के द्वारा जितनी कोताही बरती जा रही है. वैसा शायद पूरे प्रदेश में देखने को नहीं मिलेगा. शहर के सभी चौक चौराहों,सड़कों पर बेतरबी से खड़े वाहन देखे जा सकते हैं. आश्चर्य तो तब होता है जब पुलिस के वाहन हूटर बजाते हुए चुपचाप चले जाया करते हैं. शहर पेट्रोलिंग वाहन एवं यातायात के वाहन बेवजह से ध्वनि प्रदूषण फैलाते है और कार्रवाई करने के नाम पर शून्य हो जाते हैं. शहर के एकांगी मार्गों की दशा तो और ज्यादा खराब हो चुकी है हंडी चौक से कोतवाली थाना, गांधी चौक से रामनिवास टॉकीज रोड एकांगीकरण मार्ग घोषित है. मगर इन मार्गो पर दोनों तरफ से वाहनों की रेलम पेल देखी जा सकती है. यदि इन मार्गो पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए जाएं तो शहर की यातायात व्यवस्था आसानी से सुधर सकती है. शाम 6:00 के बाद गणेश तालाब के सामने यातायात विभाग के द्वारा प्रतिदिन कार्रवाई करनी चाहिए. यातायात विभाग के द्वारा तालाबंदी और चालानी करवाई कभी कभार करने की वजह से वाहन चालकों के हौसले बुलंद रहते हैं. लक्ष्मीपुर चौक से ढिमरापुर मार्ग पर युवकों के द्वारा मोडिफाइड साइलेंसर युक्त मोटर साइकिलें दौड़ाते ,स्टंट करते संध्या 6:00 बजे के बाद देखे जा सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के भीतर काली फिल्म लगी लग्जरी वाहनों से इन दिनों लोकसभा चुनाव होने से हवाले की मोटी रकम इधर से उधर की जा रही है. मजेदार बात यह है कि लग्जरी वाहनों में प्रेस, पुलिस, छत्तीसगढ़ शासन, एंबुलेंस, लिखा हुआ रहता है. जिनके माध्यम से पुलिस को चकमा देकर अवैध कार्य आसानी से किए जाते हैं.
वाहन चालक हूटर बजाते हुए अकेला घूमता है.. पुलिस वाहनों,एंबुलेंस के चालक अकेले रहने पर या फिर अपने दोस्त यारों को बैठाकर हूटर बजाते हुए पूरे शहर में घूम घूम कर अपनी धाक जमाते हैं. कई पुलिस वाहनों में पुलिस के परिवार बैठे होने पर भी हूटर का दुरुपयोग किया जाता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनेक निजी वाहनों में भी हूटर लगा हुआ रहता है. जिसका दुरुपयोग लंबी दूरी के समय किया जाता है ताकि भारी वाहन उन्हें आसानी से साइड दे दे.
आरटीओ के अनुसार अंकित नहीं होते हैं नंबर प्लेट… शहर में दौड़ रहे सभी चार पहिया दो पहिया वाहनों में नंबर प्लेट को मनमाने तरीके से कुछ भी लिखवा कर लगवाया जाता है. जो की आरटीओ विभाग के नियम कानून आदेश की खुली धज्जियां उड़ाते हुए देखे जा सकते हैं. भारी वाहनो, ट्रेक्टरो का तो कहना ही क्या है. जिन में ना नंबर प्लेट होती है, और ना बैक लाइट होती है. जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है. हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों में तेज रोशनी वाली इतनी लाइटें लगी होती है कि जिससे सामने वाले को कुछ दिखलाई नहीं पड़ता है.







