कैसे विश्वास करे इंसान जब जनप्रतिनिधि,नेता,पुलिस,अधिकारी भी लंगोट के कच्चे निकलते है….महिलाओं के प्रति आकर्षण कम रखना ही श्रेयस्कर होता है अन्यथा कैरियर चौपट होने में देर नही लगती…झूठ के भी पांव नही होते….
नेता ने महिला एडवोकेट को फंसाया प्यार के जाल में,करता रहा दैहिक शोषण,पैसा इज्जत आबरू लुटता रहा नेता,चाय में नशीली...



















