🔱टिल्लू शर्मा ✒️टूटी कलम 🎤 न्यूज 🌍 रायगढ़ छत्तीसगढ़ 🏹.. रायगढ़ जिले के बहुत चर्चित ठगी के मामले में फरार चल रहे रंजीत चौहान और सुदीप मंडल पर रायगढ़ पुलिस सख्त होते जा रही है. रंजीत पर ४२० की एफआईआर दर्ज होने के बाद अपने पार्टनर सुदीप के साथ फरार हो जाना इन दोनों के लिए गले की फांस बन गई है. चक्रधर नगर थाना के पूर्व प्रभारी प्रशांत राव अहेर ne मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए. 420 की धारा जोड़ने के बाद उनके फरार होते ही नकली सरकारी दस्तावेज,सील मोहर, हस्ताक्षर आदि का गलत उपयोग करने का मामला जानकर 420 के साथ 67,68,71 धाराएं भी जोड़ दी गई. जो कि आजीवन कारावास की सजा से भी बड़ा दंडनीय अपराध है. इन मामलों में रंजीत की जमानत होना नामुमकिन हो गया है. अति उत्साह से लबरेज रंजीत और सुदीप सपने में भी नहीं सोचे होंगे कि उनके खिलाफ दर्दनाक शिकायत रिपोर्ट लिखवाने के लिए सामने आ जाएंगे. प्रशांत राव जब तक चक्रधर नगर थाना के प्रभारी रहे तब तक इन दोनों को भूल भुलैया में भुलाते रहे. मगर अपना तबादला होने से पूर्व प्रशांत राव ने अपनी ठाकुराई दिखाते हुए. रंजीत के खिलाफ धाराएं जोड़कर अपना गिरेबान बचा लिया . इसलिए उनको रायगढ़ पुलिस अधीक्षक के द्वारा लाइन भेजने की अपेक्षा जूट मिल थाना का प्रभार सौंप दिया गया.
ज्ञात रहे की असीम छाया एनजीओ के दो डायरेक्ट रंजीत और सुदीप है. जिनका बैंकों में संयुक्त खाता है. इन लोगों के द्वारा पीड़ितों को चना मुर्रा के जैसे अनेक बैंकों के फर्जी चेक दिए जाते रहे. जो लगातार बाउंस होते चले गए. सभी चेकों में सुदीप मंडल और रंजीत चौहान के संयुक्त हस्ताक्षर है. जिस वजह से चेक बाउंस के मामले में दोनों बराबर के आरोपी है. नव पदस्थ थाना प्रभारी अमित शुक्ला इस दिशा में क्या कार्रवाई करेंगे यह पीड़ितों के सामने प्रश्न खड़ा है.

पुलिस के द्वारा इन दोनों को गिरफ्तार करने के बाद दोनों से अलग-अलग कमरे में ले जाकर पूछताछ करने पर और भी मामले के खुलासे हो सकते हैं. सुदीप और रंजीत कितने रुपए की ठगी किया और कितने लोगों से ठगा कितने लोगों को फर्जी चेक दिया गया. कहां-कहां की जमीने फर्जी तरीके से डरा धमकाकर अपने नाम करवाई गई. इन सब का खुलासा क्रास बयान से हो जाएगा.
पुलिस को चाहिए कि इनके बैंक खातों को होल्ड करवा दिया जाए एवं इनके द्वारा खरीदी गई समस्त चल अचल संपत्ति को सीज कर नीलामी करवाकर पीड़ितों को उनकी रकम लौटाई जानी चाहिए. इनके पीछे रकम लुटाने वाले लोग बहुत कमजोर वर्ग के लोग हैं जो अपनी आजीविका खींचतान कर चलाते हैं. जब देश के नामी गिरामी व्यक्ति सुब्रत राय की प्रॉपर्टी सीज कर सहारा इंडिया में पैसा गंवा चुके लोगों को उनकी रकम वापस लौटाने के लिए भारत सरकार प्रयास कर रही है तो रंजीत और सुदीप किस खेत की मूली है. पुलिस चाहे तो क्या नहीं कर सकती है. बस कारवाई करने का फितूर सवार होना चाहिए और गरीब, ग्रामीण,असहाय, लाचार,बेरोजगार,पीड़ितों की सहायता करने का मकसद होना चाहिए.